Kaal Sarp Dosp Puja

धनतेरस के दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्‍मी की पूजा करनी चाहिए. इस दिन मां लक्ष्‍मी के साथ महालक्ष्‍मी यंत्र की  पूजा     भी  की जाती है.    धनतेरस पर इस तरह करें मां लक्ष्‍मी की पूजा:
–  सबसे पहले एक लाल रंग का आसन बिछाएं और इसके बीचों बीच मुट्ठी भर अनाज रखें.

  • अब कलश में सुपारी, फूल, सिक्‍का और अक्षत डालें. इसके बाद इसमें आम के पांच पत्ते लगाएं.
  • अब पत्तों के ऊपर धान से भरा हुआ किसी धातु का बर्तन रखें.
  • धान पर हल्‍दी से कमल का फूल बनाएं और उसके ऊपर मां लक्ष्‍मी की प्रतिमा रखें. साथ ही कुछ सिक्‍के भी रखें.
  • कलश के सामने दाहिने ओर दक्षिण पूर्व दिशा में भगवान गणेश की प्रतिमा रखें.
  • अगर आप कारोबारी हैं तो दवात, किताबें और अपने बिजनेस से संबंधित अन्‍य चीजें भी पूजा स्‍थान पर रखें.
  • अब पूजा के लिए इस्‍तेमाल होने वाले पानी को हल्‍दी और कुमकुम अर्पित करें.
    –  इसके बाद इस मंत्र का उच्‍चारण करें  
      *ॐ  श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलिए प्रसीद प्रसीद *|  ॐ  श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मिये नम: ||    अब हाथों में पुष्‍प लेकर आंख बंद करें और मां लक्ष्‍मी का ध्‍यान करें, फिर मां लक्ष्‍मी की प्रतिमा को फूल अर्पित करें.
      अब एक गहरे बर्तन में मां लक्ष्‍मी की प्रतिमा रखकर उन्‍हें पंचामृत (दही, दूध, शहद, घी और चीनी का मिश्रण) से       
       अब प्रतिमा को पोछकर वापस कलश के ऊपर रखे बर्तन में रख दें. आप चाहें तो सिर्फ पंचामृत और पानी   छिड़ककर भी स्‍नान करा सकते हैं.
    –  अब मां लक्ष्‍मी की प्रतिमा को चंदन, केसर, इत्र, हल्‍दी, कुमकुम, अबीर और गुलाल अर्पित करें..
    –    इसके बाद प्रतिमा के ऊपर धनिया और जीरे के बीज छिड़कें.  अब आप घर में जिस स्‍थान पर पैसे और जेवर रखते हैं वहां पूजा करें.
         इसके बाद माता लक्ष्‍मी की आरती उतारें.  
          काल सर्प दोष पूजा उज्जैन 
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